Soulgasm

To Quill the Mocking World

इक आदमी

“Muqammal”
(4 min read)

वो सोचे, सारे रिश्ते क़ैद कर लूँ
बंद कमरे में
जहाँ उसकी तरह सब साँस लें
गुज़रे हुए कल में

April 9, 2016 · Leave a comment

इश्क़, पहली नज़र में कहाँ होता है?

By मुकम्मल
(3 मिनट)

वक़्त के थमने में पर
कुछ वक़्त है लगता ज़रा
कुछ देर लगती है
समझ आने में क्या है माज़रा?

March 5, 2016 · 1 Comment

आदतें

Poetry, मुकम्मल
(3 मिनट)

साँस को रोका कभी तो दिल धड़कता रह गया
फिर साँस लेने को मुझे मजबूर कर दें आदतें

February 20, 2016 · 1 Comment

मेरा इश्क़

मुकम्मल
(3 मिनट)

मेरा इश्क़ न
पाले हुए साँप की तरह है
होठों पे डसता है
दिल में उतरता है

February 6, 2016 · Leave a comment

तोहफा

मुकम्मल
(3 मिनट)

तुम्हें तोहफ़े में दूँगा
तुम्हें तोहफा मिलेगा
मैं आऊँगा जिस दिन
मोहलत लेकर

January 23, 2016 · Leave a comment

कल जब डायरी खोली

मुकम्मल
(3 मिनट)

बदशक़्ल हुए वो अल्फाज़ सारे
अब पढ़े भी नहीं जाते

January 9, 2016 · 1 Comment

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